darwaja khul chuka hai #horror #horrorstories #horrorstory #story #shorts #viral #bhoot #bhootwala

1 min read

28 words

darwaja khul chuka hai #horror #horrorstories #horrorstory #story #shorts #viral #bhoot #bhootwala
Spread the love

1 min read

28 words

0
(0)
darwaja khul chuka hai #horror #horrorstories #horrorstory #story #shorts #viral #bhoot #bhootwala



darwaja khul chuka hai #horror #horrorstories #horrorstory #story #shorts #viral #bhoot #bhootwala

रतनपुर… अब नक्शे पर था।
लेकिन ज़मीन पर नहीं।
पूरा गाँव गायब हो चुका था।
सरकारी टीम वहाँ पहुँची…
तो उन्हें सिर्फ एक चीज़ मिली—
पुराना कुआँ।
लेकिन…
अब वो पहले से बड़ा था।
और उसके अंदर से सिर्फ फुसफुसाहट नहीं…
हँसी आ रही थी।
🌫️ अध्याय 1 – जाँच शुरू
सुबह-सुबह शहर से एक पैरानॉर्मल रिसर्च टीम आई।
उनके साथ थी — डॉ. आर्या,
जो अजीब घटनाओं पर रिसर्च करती थी।
जैसे ही वो कुएँ के पास पहुँची…
उसके हाथ में पकड़ा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अपने आप ऑन हो गया।
स्क्रीन पर शब्द चमका—
“WELCOME”
टीम के एक सदस्य ने घबराकर कहा—
“मैम… यहाँ कुछ ठीक नहीं है…”
अचानक हवा रुक गई।
पूरी तरह सन्नाटा।
फिर…
एक साथ सौ आवाज़ें—
“तुम देर से आए…”
🕳️ अध्याय 2 – नेहा का सच
अचानक कुएँ के पीछे धुएँ में एक आकृति बनी।
नेहा।
लेकिन अब वो इंसान नहीं लग रही थी।
उसकी आँखें शांत थीं…
चेहरा भावहीन।
डॉ. आर्या ने काँपते हुए पूछा—
“बाकी लोग कहाँ हैं?”
नेहा मुस्कुराई।
“वे चले गए…”
“जहाँ से आवाज़ आई थी…”
अचानक ज़मीन के नीचे कंपन हुआ।
और टीम का एक सदस्य…
जैसे ज़मीन में समा गया।
कोई चीख नहीं।
कोई निशान नहीं।
बस खाली जगह।
🌌 अध्याय 3 – असली दुनिया
डॉ. आर्या को समझ आ चुका था—
कुआँ सिर्फ एक जगह नहीं था।
वो एक “रास्ता” था।
लेकिन वो रास्ता नीचे नहीं…
अंदर जाता था।
इंसान के डर के अंदर।
जितना कोई डरता…
दरवाज़ा उतना खुलता।
अचानक डॉ. आर्या के दिमाग में आवाज गूंजी—
“डर मत…”
लेकिन आवाज बाहर से नहीं…
उसके अपने अंदर से आई थी।
⚠️ अध्याय 4 – सच्चाई का पलटाव
अचानक पूरा दृश्य बदल गया।
डॉ. आर्या ने खुद को एक अंधेरी जगह में खड़ा पाया।
चारों तरफ वही गाँव वाले।
राहुल।
अमित।
मीरा।
नेहा।
लेकिन अब वे सब एक जैसे दिख रहे थे।
खाली आँखें।
शांत चेहरे।
एक साथ बोले—
“हम गायब नहीं हुए…”
“हम जुड़ गए…”
डॉ. आर्या समझ गई—
ये कोई राक्षस नहीं था।
ये एक “चेतना” थी।
जो हर इंसान के डर से जन्म लेती है।
और अब…
वो पूरी तरह जाग चुकी थी।
🌑 अध्याय 5 – आखिरी रिकॉर्डिंग
अगले दिन खबर आई—
रिसर्च टीम भी गायब हो गई।
लेकिन एक कैमरा मिला।
उसकी आखिरी रिकॉर्डिंग में…
डॉ. आर्या कैमरे के सामने खड़ी थी।
वो शांत थी।
और बोली—
“अगर तुम ये देख रहे हो…”
“तो समझ लो…”
“दरवाज़ा तुम्हारे अंदर भी है…”
अचानक कैमरे के पीछे से फुसफुसाहट—
“अब शहर की बारी है…”
स्क्रीन ब्लैक।
😨 अंतिम दृश्य
अब कहानी गाँव की नहीं रही।
शहर में…
लोगों ने रिपोर्ट किया—
रात 2:13 पर
उनके मोबाइल खुद-ब-खुद ऑन हो जाते हैं।
स्क्रीन पर सिर्फ एक शब्द—
“आओ…”
और कहीं दूर…
किसी पुराने कुएँ की आवाज नहीं…
बल्कि
आपके अपने कमरे की दीवार से
फुसफुसाहट आती है।
🎬 Shock Ending Line
अगर कभी आपको लगे
कि कोई आपका नाम लेकर
बहुत धीरे से बुला रहा है…
तो पीछे मत मुड़ना।
क्योंकि
हो सकता है
आप पहले ही
दरवाज़े के उस पार खड़े हों।
#horror #horrorstories #horrorstory #story #shorts #viral #bhoot #bhootwala #bhootkikahani

How useful was this content?

Click on a star to rate it!

Average rating 0 / 5. Vote count: 0

No votes so far! Be the first to rate this content.

We are sorry that this content was not useful for you!

Let us improve this content!

Tell us how we can improve this content?

error: Content is protected !!