क्या विज्ञान और धर्म एक-दूसरे के विरोधी हैं? या फिर दोनों इंसान की ज्ञान-यात्रा के दो अलग पड़ाव हैं?
मिथकों से विज्ञान तक एक ऐसी सोच-उड़ान है जो हमें प्राचीन कथाओं से लेकर आज के वैज्ञानिक सिद्धांतों तक ले जाती है — एक सफ़र, जहाँ हर “क्यों” और “कैसे” से नया दरवाज़ा खुलता है।
इस किताब में पाएँ:
ब्रह्मांड की उत्पत्ति से लेकर जीवन के विकास तक की बदलती सोच और विज्ञान की कहानीधर्म, अध्यात्म, दर्शन और विज्ञान – इन सबकी जड़ों को समझने का भारतीय दृष्टिकोण”कैसे” और “क्यों” जैसे सवालों के जवाब जो हमें अलग रास्तों पर ले जाते हैं – एक विज्ञान की ओर, दूसरा आध्यात्मिकता की ओरइतिहास के उदाहरण जो बताते हैं कि कैसे पुरानी मान्यताओं को चुनौती देना ही विज्ञान का मूल हैएक दृष्टिकोण जो विज्ञान और धार्मिक सोच को टकराव नहीं, बातचीत की प्रक्रिया मानता है
यह किताब उनके लिए है:
जो मिथकों और विज्ञान के बीच के रिश्ते को समझना चाहते हैंजिन्हें ब्रह्मांड और जीवन के रहस्य जानने की जिज्ञासा हैजो आधुनिक और पारंपरिक सोच के बीच सेतु बनाना चाहते हैं
“पुराने सत्यों को तोड़ना विज्ञान है। हमेशा के सत्य पर सवाल उठाना ही विकास है।”
मिथकों से विज्ञान तक सिर्फ़ एक किताब नहीं, सोचने, सवाल करने और बदलने का निमंत्रण है।